बीकानेर: स्लीपर बस में लगी भीषण आग, 40 यात्रियों की जान बची – इमरजेंसी गेट से निकासी ने टाला बड़ा हादसा
बीकानेर के श्रीडूंगरगढ़ में जयपुर से आ रही मिलन ट्रेवल्स की स्लीपर बस नेशनल हाईवे पर तेज धुंध के बीच चारे से भरे खड़े ट्रक से टकराई, जिससे दोनों वाहनों में भीषण आग लग गई। बस में सवार 40 यात्रियों को इमरजेंसी गेट और मेन गेट से सुरक्षित निकाल लिया गया, बड़ा हादसा टल गया। बस पूरी तरह जल गई, ड्राइवर घायल होकर बीकानेर रेफर, हाईवे 2 घंटे बंद रहा। इमरजेंसी गेट की वजह से सभी यात्री बच गए।
बीकानेर जिले के श्रीडूंगरगढ़ क्षेत्र में नेशनल हाईवे पर एक बड़ा सड़क हादसा बुधवार सुबह करीब 5:15 बजे हुआ, जिसमें जयपुर से बीकानेर जा रही मिलन ट्रेवल्स की स्लीपर बस चारे (तूड़ी) से भरे एक खड़े ट्रक से टकरा गई। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि दोनों वाहनों में तुरंत आग लग गई, लेकिन यात्रियों की सूझबूद्धि और बस में पहले से मौजूद इमरजेंसी गेट की वजह से बड़ा हादसा टल गया। बस में सवार लगभग 40 यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया, जबकि बस पूरी तरह जलकर खाक हो गई।
हादसे का विवरण
मंगलवार रात करीब 11 बजे मिलन ट्रेवल्स की यह नई स्लीपर बस जयपुर से बीकानेर के लिए रवाना हुई थी। सुबह के समय तेज धुंध छाई हुई थी, जिसके कारण दृश्यता कम थी। श्रीडूंगरगढ़ से आगे बढ़ते हुए बस सेसोमू स्कूल के पास पहुंची, तभी आगे चल रहा चारे से लदा एक ट्रक किसी अन्य वाहन से टकराने के बाद हाईवे पर खड़ा हो गया था। पीछे से आ रही बस ने इस खड़े ट्रक में जोरदार टक्कर मार दी।
टक्कर के प्रभाव से ट्रक में भरे चारे में आग लग गई, जो तेजी से बस में फैल गई। हेड कॉन्स्टेबल बलवीर सिंह काजला ने बताया कि टक्कर होते ही आग भड़क उठी और दोनों वाहन आग की लपटों में घिर गए। बस में सवार यात्रियों ने अफरा-तफरी के बीच दो इमरजेंसी गेट और मेन गेट का इस्तेमाल कर खुद को बाहर निकाला। सभी यात्री सुरक्षित बताए जा रहे हैं, हालांकि कईयों के सामान और बस पूरी तरह जल गई।
राहत और बचाव कार्य
हादसे के बाद नेशनल हाईवे पर लगभग दो घंटे तक यातायात पूरी तरह बंद रहा। फायर ब्रिगेड की कई गाड़ियां मौके पर पहुंचीं और कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। बस चालक को गंभीर चोटें आईं, जिन्हें प्राथमिक उपचार के बाद बीकानेर के अस्पताल रेफर कर दिया गया। अन्य यात्रियों को कोई गंभीर चोट नहीं आई।
इमरजेंसी गेट की अहम भूमिका
गौरतलब है कि यह बस नई थी और जैसलमेर बस हादसे के बाद जारी निर्देशों के अनुसार इसमें बड़ा इमरजेंसी गेट पहले से ही फिट किया गया था। यही इमरजेंसी गेट यात्रियों की जान बचाने में निर्णायक साबित हुआ, क्योंकि आग तेजी से फैल रही थी और सामान्य दरवाजों से निकलना मुश्किल हो रहा था। अधिकारियों का कहना है कि इमरजेंसी गेट की मौजूदगी ने संभावित जान-माल के नुकसान को काफी हद तक रोका।